लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के बाद यह पहली औपचारिक बैठक होगी, जिसमें समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री आवास पर होगा संवाद कार्यक्रम
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में घुमंतू समाज के प्रतिनिधि विकास बोर्ड के गठन के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करेंगे। इसके साथ ही समुदाय के कल्याण, विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के साथ समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा होने की संभावना है।
सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से बना विकास बोर्ड
उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड का गठन विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए किया गया है। बोर्ड का उद्देश्य इन समुदायों के विकास के लिए प्रभावी नीतियां तैयार करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
पहचान, सूचीकरण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर रहेगा फोकस
घुमंतू विकास बोर्ड समुदायों की पहचान और सूचीकरण का कार्य करेगा। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने, नीतिगत सुझाव देने, समुदाय की समस्याओं के समाधान तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी बोर्ड निभाएगा।
